Aaj ki taja khabar
बिहार के पुलो का हेल्थ कार्ड जल्द बनेगा
केंद्र सरकार हवाई यात्रियों की सस्ती
उड़ान और बेहतर सुविधाएं देने के लिए 20 से 25 हवाई अड्डो का निजीकरण करेगी। भारतिए
विमानपतन प्राधिकरण के अध्यक्ष गुरुप्रसाद मोहपात्रा ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
फरवरी मे हुई बोली के दौरान अड़ाणी समूह
ने इन छः मे से पाँच ठेका हासिल किया है। उसे अहमदाबाद,तिरुवनंतपुरम, लखनऊ, मंगलुरु और जयपुर एयरपोर्ट का ठेका मिला| मोहपात्रा ने कहा की अगले चरण मे 20 से 25 और एयरपोर्ट
का निजीकरण करेंगे| ये सभी एयरपोर्ट ऐसे होंगे जिनकी सालाना हवाई यात्रियों की क्षमता 10 से 15 लाख
के बीच होंगी| मोहपात्रा एक अगस्त से वाणिज्या मंत्रालय मे उधयोग एवं आंतरिक व्यापार विभाग के
सचिव का कार्यभार संभालेंगे|
राज्य सरकार सड़क की तरह पुलो की
मरम्मत नीति जल्द लाएगी। राजी के सभी पुलो का हेल्थ कार्ड बनेगा। सरकार के पास सभी
पुलो का सेहत का रिकॉर्ड रहेगा। पुलो का सेफ़्टी ऑडिट भी कराया जाएगा। जहां कमजोरी
दिखेगी,तुरंत मरम्मत कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने शुक्रवार को ‘मेजर ब्रिजेज़ इन बिहार: इनोवेशन एंड चैलेंजेज़’विषय पर ज्ञान भवन मे आयोजित दो
दिवशिए कार्यशाला के उदघाटन सत्र को संबोधित करते हुए ये घोषणाये की।
उन्होने अपसरों को निर्देश दिया की
पुलों की मरम्मत का प्रोटोकॉल बनाया पल प्रबंधन प्रणाली विकसित की जा रही है उयामे
रूटीन निरीक्षण का प्रावधान करे,नदियो पर जो बड़े पूल बने है उनका अंडर वॉटर निरीक्षण करें। पल की क्या ताकत है
यह जानना जरूरी है।
इसके लिए एक समर्पित विंग बनाया जाएगा
जो पुलो की मरम्मत की निगरानी करेगा। सीएम ने कहा की पुलो के नियमित रख-रखाव के लिए
सभी अभियन्ताओं का प्रशिक्षण कराये। इंजीनियरों का क्षमता वर्धन होगा,तभी पुल की क्षमता बढ़ेगी। मुख्यमंत्री
ने कहा की कार्यशाला मे आप सभी इस पर जरूर सुझाव दे की पुल-पुलियों का गुणवतापूर्ण
निर्माण समय सीमा मे कैसे हो खर्च कैसे कम हो। सीएम ने कहा कि इस कार्यशाला मे बाहर
से भी विशेषज्ञ आए है,लेकिन महिलाओं की संख्या कम दिख रही है। महिलाओं की भूमिका प्रत्येक क्षेत्र मे
बढ़ी है। यहा भी अगर महिलाओं की संख्या बढ़ेगी तो उनके निर्देशन मे पुल और बेहतर बनेंगे।
सरकार
25 छोटे हवाई अड्डे बेचेगी
सरकार एयरपोर्ट पर सुविधाएं और सेवाओं के विस्तार
के तहत पहले चरण मे छः एयरपोर्ट के निजीकरण का फैसला पहले ही कर चुकी है। सरकार ने
पिछले साल लखनऊ,अहमदाबाद,जयपुर,मंगलुरु,तिरुवन्तपुरम और गुवाहाटी एयरपोर्ट के परिचालन,प्रबंधन और विकास के लिए सरकारी-निजी साझेदारी(पीपीपी)
मोडेल के आधार पर पहले ही मुहर लगा चुकी है।






Comments
Post a Comment