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औरंगाबाद मे सर्च ऑपरेशन के दौरान मुठभेड़, चार नक्सली ढेर







औरंगाबाद जिला के  देव प्रखण्ड के सतनदिया पहाड़ी के समीप पुलिस और नक्सलियो के बीच हुई मुठभेड़ मे भकपा माओवादी के चार नक्सली मारे गए. पुलिस ने तीन नक्सलियो का शव भी बरामद कर लिया है|
जानकारी के अनुसार आधे दर्जन नक्सलियो के घायल होने की जानकारी है. हालांकि घायल नक्सलियो को उनके साथी किसी तरह लेकर भागने मे सफल रहे, घटना के बाद पुलिस इलाके मे सर्च अभियान चला रही है. घटनास्थल से भारी मात्रा मे हथियार,नक्सली साहित्य,पिठू व अन्य समान जबत किए गए है| पुलिस सूत्रो के जानकारी के अनुसार मारे गए नक्सलियो के पास एक एके-47,तीन इनसास राइफल,एक पुलिस राइफल व एक देशी कार्बाइन सहित सात हथियार जब्त किए गए है, जानकारी के अनुसार, पोलोइके को सूचना मिली थी की सतनदिया के इलाके मे विवेक यादव व अभिजीत किया दस्ता किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के उदेश्य से बना है, सूचना के अनुसार,कोबरा 205 के अलावा सीआरपीएफ़ और एसटीएफ़ के जवान बुधवार के रात उस जगह पर पहुँचकर सर्च अभियान मे लग गए. गुरुवार के सुबह जवान सर्च अभियान पर थे,उसी वक्त करीब से गुजर रहे नक्सलियो के दस्ते ने पुलिस को देखते ही फायरिंग सुरू कर दी|
इसके बाद पुलिस ने भी मोर्चा संभाल लिया दोनों तरफ से काफी मुठभेड़ चली. इस बीच चार नक्सली मारे गए और कई घायल हो गए पुलिस को भारी देख नक्सलियो का दस्ता भागने मे सफल रहा हालांकि एएसपी (अभियान) राजेश कुमार सिंह ने तीन नक्सलियो के मारे जाने की पुष्टि की है.
इधर पता चला की नकसलियों ने तारचुआ व सागरपुर गाँव के समीप व रास्ते पर आईईडी लगा रखा है,जिसकी डॉग स्क़्वायर्ड की मदत से खोजबीन की जा रही है|

तीन तलाक को आपराधिक बनाने वाला बिल तीसरी बार लोस से पास 

लोक सभा मे गुरुवार के एक बार मे तीन तलाक (तलाक-ए-बिधत) से संबन्धित बिधेयक पारित हो गया. मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक-2019 के पक्ष मे 303 और विपक्ष मे 82 वोट पड़े यह तीसरी बार है,जब विधेयक लोक सभा से पारित हुआ है. विधेयक मे संसोधन के लिए लाये गए एआइएमआइएम संसद अस्दूधीन ओवैसी समेत विपक्षी सांसदो के प्रस्ताव गिर गए और यह बिल ध्वनिमत से पारित हो गया. अब केंद्र सरकार इस विधेयक को इसी सत्रह के दौरान राज्यसभा से पारित कराने की कोशिश करेगी. इससे पहले, फरवरी मे भी विधेयक को मंजूरी मिल गयी थी,लेकिन राज्यसभा मे लटक गया था.
           विधेयक पर हुई चर्चा पर जवाब देते कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा की विधेयक का विरोध करने वाले वोट बैंक की राजनीति कर रहे है. यह मामला न धर्म का है,न इबादत का,सियासत का,न वोट का बल्कि यह मसला नारी के न्याय का है. काँग्रेस पर हमला बोलते हुए प्रसाद ने कहा की 1986 मे साहबानो केस मे अगर वोट बैंक की राजनीति को लेकर काँग्रेस के पाव नहीं हिले होते,तो आज हमे इस विधेयक को लाने की जरूरत नहीं पड़ती.
कहा की वह नरेंद्र मोदी सरकार मे कानून मंत्री है,राजीव गांधी सरकार के कानून मंत्री नहीं और वह मुस्लिम महिलाओं के साथ न्याय के पक्ष मे खड़े रहेंगे. उन्होने कहा की विधेयक मे एक साथ तीन तलाक बोलकर तलाक दिये जाने को अपराध करार दीया गया है. साथ ही दोषी को जेल की सजा का भी प्रावधान है. इससे पहले,विधेयक का विरोध जताते हुए काँग्रेस,टीएमसी,जेडयू,सपा,बसपा समेत विपक्षी दलो ने सदन का वाकआउट किया.  




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